यूपी लेखपाल भर्ती में ओबीसी आरक्षण पर विवाद CM योगी से शिकायत

लखनऊ संदेश महल
उत्तर प्रदेश में लेखपाल के 7,994 पदों पर निकली भर्ती को लेकर आरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ओबीसी आरक्षण में कथित कटौती को लेकर यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
राजस्व परिषद द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार लेखपाल (स्थायी) पदों का श्रेणीवार बंटवारा इस प्रकार किया गया है— अनारक्षित 4,165, अनुसूचित जाति 1,446, अनुसूचित जनजाति 150, अन्य पिछड़ा वर्ग 1,441 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 792 पद निर्धारित किए गए हैं।
ओबीसी को 717 पद कम मिलने का आरोप
मंत्री ओपी राजभर ने अपने पत्र में कहा है कि यदि कुल 7,994 पदों पर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू किया जाता, तो ओबीसी वर्ग के लिए लगभग 2,158 पद निर्धारित होने चाहिए थे। जबकि अधिसूचना में केवल 1,441 पद दिखाए गए हैं। इस तरह ओबीसी वर्ग के करीब 717 पद कम कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें

मंत्री राजभर ने मुख्यमंत्री से तीन अहम मांगें रखी हैं। पहली, लेखपाल भर्ती में ओबीसी आरक्षण को 27 प्रतिशत के अनुरूप पुनः तय किया जाए। दूसरी, यदि यह किसी तकनीकी या प्रशासनिक गलती के कारण हुआ है तो इसका सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाए। तीसरी, भविष्य में ओबीसी आरक्षण में किसी भी प्रकार की कटौती न हो, इसकी ठोस व्यवस्था की जाए।

CM योगी की सख्ती, राजस्व परिषद को चेतावनी

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरक्षण विसंगतियों पर कड़ा रुख अपनाया है। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरक्षण प्रावधानों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
UPSSSC को संशोधित जानकारी देने के निर्देश
मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद राजस्व परिषद हरकत में आ गई है। राजस्व परिषद के आयुक्त ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को पत्र लिखकर एक सप्ताह के भीतर लेखपाल पदों के अधियाचन से संबंधित संशोधित और स्पष्ट सूचना उपलब्ध कराने को कहा है।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञापन के बाद श्रेणीवार आंकड़ों में विसंगतियां सामने आई थीं। अब भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।