बाराबंकी संदेश महल समाचार
पीआईबी लखनऊ की ओर से बाराबंकी में पत्रकारों के लिए ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पत्रकारों को फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं की पहचान, फैक्ट-चेकिंग तथा डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यशाला का उद्देश्य पत्रकारों को बदलते डिजिटल दौर की चुनौतियों से अवगत कराने के साथ ही समाचारों की विश्वसनीयता और तथ्यपरकता को मजबूत करना रहा। वक्ताओं ने खबर प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने पर विशेष जोर दिया।
कार्यशाला में पद्मश्री से सम्मानित प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा ने केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं और किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।
वहीं पीआईबी लखनऊ के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने पत्रकारिता में तथ्य-जांच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले उसके तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि करना जरूरी है, ताकि गलत और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके।
बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने ग्रामीण पत्रकारों को डिजिटल दौर के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर में पत्रकारों के लिए डिजिटल माध्यमों और नए टूल्स की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
कार्यशाला में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक समेत अन्य अधिकारियों और पत्रकारों ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, डिजिटल मीडिया, फैक्ट-चेकिंग और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी खबरों को प्रभावी ढंग से सामने लाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।