अमेठी की सुनीता बनीं महिलाओं की प्रेरणा

अमेठी संदेश महल समाचार
गरीबी और तंगहाली से जूझने वाली सुनीता देवी आज अपने दम पर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। कभी घर की हालत इतनी खराब थी कि परिवार का गुजारा मुश्किल हो रहा था, लेकिन अब सुनीता न सिर्फ अपने पैरों पर खड़ी हैं बल्कि कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

सुनीता देवी ने सरकार की लखपति दीदी योजना से जुड़कर नया रास्ता तलाशा। योजना का लाभ उठाकर उन्होंने छोटे पैमाने पर काम शुरू किया और धीरे-धीरे उसे बढ़ाते हुए आज अपनी अलग पहचान बना ली है।

गांव की महिलाओं का कहना है कि सुनीता की सफलता ने उनमें भी आत्मविश्वास जगाया है। वे अब खुद भी स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार की स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

सुनीता देवी की कहानी यह साबित करती है कि सही दिशा, मेहनत और हौसला मिलने पर कोई भी महिला अपनी किस्मत बदल सकती है। उनकी उपलब्धि आज अमेठी समेत पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।