
जेपी रावत
बाराबंकी संदेश महल समाचार
हर बच्चा अपने भीतर एक सपना संजोए होता है, जो उसे आगे बढ़ने की दिशा देता है। शिक्षा क्षेत्र फतेहपुर के प्राथमिक विद्यालय गुरूसेल, में शिक्षक भानु मिहिर ने बच्चों से जब उनके सपनों के बारे में पूछा तो उसके मासूमियत भरे ऊँची उड़ान वाले अरमान सुनकर हर कोई प्रेरित हो उठा।

कक्षा दो की छात्रा ने डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज करने और पीड़ितों की सेवा करने की इच्छा जताई। वहीं कक्षा तीन के फहद आलम ने कहा कि वे बड़े होकर पुलिस बनना चाहते हैं ताकि अपराधियों से देश और समाज की रक्षा कर सकें। कक्षा दो के श्लोक ने फौजी बनकर मातृभूमि की सेवा करने का सपना साझा किया।
कक्षा एक के सूफियान ने भी डॉक्टर बनकर बीमारों को नया जीवन देने की बात कही। कक्षा तीन के रोमी ने भी डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों में सबसे बड़ी कक्षा पाँच की छात्रा अनम ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वह आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती है और समाज में बदलाव लाना चाहती है।
शिक्षकों ने बच्चों के सपनों को सुनकर कहा कि इन मासूम ख्वाहिशों में ही देश का उज्ज्वल भविष्य छिपा है। मेहनत, अनुशासन और लगन से पढ़ाई करने पर निश्चित ही ये सपने एक दिन हकीकत बनेंगे।
विद्यालय परिसर में जब बच्चे अपने-अपने सपनों को साझा कर रहे थे, तो उनकी आंखों की चमक और आत्मविश्वास देखकर यह साफ लग रहा था कि गुरूसेल की यह नन्हीं पौध आगे चलकर बड़ी छाया बनकर देश और समाज को संवारने वाली है।