
जेपी रावत
मुरादाबाद संदेश महल
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली युवती स्वाति अपने प्रेमी मनोज को पाने के लिए इतनी अंधी हो गई कि उसने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की खतरनाक साजिश रच डाली। पहले तो उसने परिजनों को नींद की गोलियां खिलाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रही। इसके बाद ‘क्राइम पेट्रोल’ देखकर प्रेरित हुई और प्रेमी व उसके रिश्तेदार के साथ मिलकर गांव के ही निर्दोष पेंटर योगेश की हत्या कर दी। मकसद था परिवार को हत्या के केस में फंसाना और खुद को प्रेमी के साथ आज़ाद कर लेना।
नींद की गोलियां और रात की मुलाकातें
पुलिस जांच में सामने आया है कि स्वाति अक्सर खाने में नींद की गोलियां मिलाकर परिवार को सुला देती थी। इसके बाद वह रात में प्रेमी मनोज को घर बुलाकर उससे मिलती थी। धीरे-धीरे इस राज़ का अंदेशा परिवार को होने लगा। जब परिजनों ने रोकटोक शुरू की तो स्वाति ने प्रेमी संग मिलकर उन्हें ही रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

परिवार को जेल भिजवाने की नई चाल
हत्या की पहली योजना नाकाम रही तो स्वाति और मनोज ने परिवार को फंसाने की नई पटकथा लिखी। तय हुआ कि किसी तीसरे व्यक्ति की हत्या की जाएगी और आरोप परिवार पर मढ़ दिए जाएंगे। इसके लिए गांव का ही 21 वर्षीय पेंटर योगेश निशाने पर आया।
18 सितंबर की सुबह पाकबड़ा थाना क्षेत्र के मौढ़ा तैय्या कब्रिस्तान के पास योगेश का शव मिला। पुलिस ने योगेश के भाई उमेश की तहरीर पर गांव के ही शोभाराम और उसके बेटों गौरव व कपिल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।

पुलिस को मिली अहम कड़ियां
पुलिस को जब घटनास्थल और मोबाइल कॉल डिटेल की जांच मिली तो शक की दिशा बदल गई। पुलिस ने पाया कि हत्या के बाद योगेश के ही मोबाइल से 112 नंबर पर कॉल करके स्वाति के पिता और भाइयों पर आरोप लगाया गया था।
लखनऊ से मंगाई गई कॉल रिकॉर्डिंग ग्रामीणों और परिजनों को सुनाई गई, लेकिन सभी ने माना कि यह आवाज योगेश की नहीं है। इसी बीच सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस सेल से मिली जानकारी ने मनोज और उसके रिश्तेदार मंजीत तक पुलिस को पहुंचा दिया।

मुठभेड़ में गिरे आरोपी, खुली पोल
रविवार रात नया मुरादाबाद क्षेत्र में पुलिस ने दोनों को घेर लिया। खुद को फंसा देख मनोज और मंजीत ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में मनोज के पैर में गोली लगी और दोनों गिरफ्तार कर लिए गए। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि हत्या उनकी प्रेमिका स्वाति की योजना थी। इसके बाद पुलिस ने स्वाति को भी गिरफ्तार कर लिया।
कबूलनामे में उगला सच
पुलिस पूछताछ में स्वाति ने कबूल किया कि वह परिवार को नींद की गोलियां देकर सुलाती थी और मनोज को बुलाकर मिलती थी। परिवार को शक होने पर उसने तय किया कि हत्या कर पिता और भाइयों को फंसा दिया जाएगा। मनोज ने ‘क्राइम पेट्रोल’ देखकर यह आइडिया दिया था।
अगर पिता और भाई जेल नहीं जाते तो वह दोबारा परिवार को खत्म करने का प्रयास करती। यानी उसके खतरनाक इरादे यहीं खत्म नहीं होने वाले थे।
पुलिस ने बचा लिए निर्दोष
पुलिस की गहन जांच ने तीन निर्दोषों को जेल जाने से बचा लिया। जब पुलिस ने हत्या में आरोपित बताए गए शोभाराम और उनके बेटों को घर पर खाना खाते पकड़ा तो शक और गहरा हो गया। सही समय पर हुई कार्रवाई ने मामले की असली तस्वीर सामने ला दी।

एसएसपी ने दिया इनाम
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि पुलिस ने केस का खुलासा कर युवती और उसके दोनों साथियों को जेल भेज दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
अमरोहा नरसंहार की याद
इस वारदात ने अमरोहा के बावनखेड़ी नरसंहार की याद ताजा कर दी, जहां 2008 में शबनम ने अपने प्रेमी संग मिलकर परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी। मुरादाबाद का यह मामला भी उसी तरह प्रेम और जुनून में अंधेपन की खतरनाक मिसाल बन गया है।