लखनऊ संदेश महल समाचार
काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अमर क्रांतिकारियों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक घटना को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए क्रांतिकारियों के साहस, त्याग और बलिदान को याद किया।
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन केवल जनसभाओं और आंदोलनों तक सीमित नहीं था। क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन की आर्थिक और प्रशासनिक नींव को चुनौती देने का काम किया। इसी संघर्ष में काकोरी ट्रेन एक्शन एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनकर सामने आया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने क्रांतिकारियों की कथित जासूसी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को लेकर सवाल खड़े किए।
क्या था काकोरी ट्रेन एक्शन?
9 अगस्त 1925 को लखनऊ के पास काकोरी रेलवे स्टेशन पर क्रांतिकारियों ने शाहजहांपुर से लखनऊ जा रही ट्रेन को रोककर अंग्रेजी सरकार के खजाने को अपने कब्जे में लिया था। इस अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन के लिए संसाधन जुटाना और ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देना था।
काकोरी ट्रेन एक्शन में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े कई युवा क्रांतिकारी शामिल थे। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खां इस क्रांतिकारी अभियान से जुड़े प्रमुख नामों में शामिल थे।
काकोरी कांड’ से ‘काकोरी ट्रेन एक्शन
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस ऐतिहासिक घटना को ‘काकोरी कांड’ के बजाय ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम से याद करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि यह नाम उस घटना में शामिल क्रांतिकारियों की देशभक्ति, साहस और संघर्ष की भावना को अधिक उचित रूप से दर्शाता है।
काकोरी आज सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी चेतना, साहस और बलिदान का प्रतीक है। काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी गौरवशाली विरासत को याद किया।