प्रयागराज में फर्जी डिग्री से वकालत का आरोप, 35 अधिवक्ताओं पर एफ आई आर

जेपी रावत/प्रयागराज संदेश महल समाचार

प्रयागराज में फर्जी शैक्षिक डिग्री के आधार पर वकालत करने के आरोप में 35 अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में दर्ज मुकदमा बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव आर.के. शुक्ला की तहरीर पर दर्ज हुआ है। आरोप है कि संबंधित अधिवक्ताओं ने अलग-अलग विश्वविद्यालयों की डिग्रियों के आधार पर बार काउंसिल में पंजीकरण कराया था। सत्यापन के दौरान कुछ डिग्रियां कथित तौर पर फर्जी पाए जाने का मामला सामने आया।
बार काउंसिल की ओर से कुल 100 अधिवक्ताओं के खिलाफ शिकायत दी गई है, जिनमें अब तक 35 के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
बताया गया है कि 3 जून 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी डिग्री के आधार पर बार काउंसिल में पंजीकरण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया तेज हुई।
अब पुलिस विवेचना के दौरान संबंधित विश्वविद्यालयों से डिग्रियों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही अधिवक्ताओं द्वारा बार काउंसिल में जमा किए गए शैक्षिक प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
मामले में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़, सचिव आर.के. शुक्ला और पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह के बयान भी सामने आए हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित डिग्रियां वास्तव में फर्जी थीं या नहीं और इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।