अपर मुख्यविकास अधिकारी का चलता है तुगलकी फरमान मातहतों को बनाया जाता मुर्गा,लगवाई जाती उठक बैठक

रिपोर्ट
पंकज शाक्य
मैनपुरी संदेश महल समाचार

अपर मुख्य विकास अधिकारी के व्यवहार से चार कर्मचारी परेशान

बनाया जाता मुर्गा,लगवाई जाती उठक बैठक

एक कर्मचारी कर चुका आत्महत्या का प्रयास

जिला पंचायत कार्यालय के अपर मुख्य विकास अधिकारी तपेश चंद के व्यवहार से कार्यालय के 4 कर्मचारी काफी दुखी और परेशान हैं जिसमें से एक कर्मचारी ने सोमवार को परिसर में खड़े नीम के वृक्ष पर रस्सी से फांसी फंदा बनाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया जानकारी होने पर उसे बचा लिया गया इसी तरह ऑफिस के 4 कर्मचारी इस अधिकारी के व्यवहार से काफी दुखी हैं और परेशान हैं कार्यालय में तैनात मनोज कुमार जो चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है वह बताता है कि अपर मुख्य विकास अधिकारी उनसे घर पर घरेलू काम करवाते हैं कपड़े धुल जाते हैं कचरा साफ कराते नाली साफ करवाते हैं न करने पर कान पकड़ कर उठक बैठक लगाते हैं मुर्गा बनाते हैं डांट लगाते हैं हमें डांटते रहते हैं छुट्टी नहीं देते हैं इतना ही नहीं उनके मुताबिक काम ना होने पर वह ऑफिस में अनुपस्थित दिखा कर के निलंबित भी कर देते हैं जैसा कि उन्हें कर दिया गया है इसी से दुखी होकर मनोज कुमार ने सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय के पास खड़ी एक नीम पर रस्सी बांधकर उस पर लटकाने का प्रयास कर रहे थे उसी समय अन्य कर्मचारी ने देख लिया और भाग करके उन्हें से उतारा समझाया बृजेश कुमारी ने बताया कि लोक डाउन मैं वाहनों के चलने के बाद भी वह पैदल यहां ऑफिस में आई जब उन्होंने शादी में जाने के लिए छुट्टी मांगी तो उन्हें छुट्टी नहीं दी गई जबकि उनकी पूरी वर्ष की छुट्टियां पड़ी हुई है छुट्टी नहीं देते हैं जब थोड़ी देर हो जाती है तो वेतन रोक देते हैं प्रार्थना पत्र छुट्टी के लिए दिया गया लेकिन छुट्टी नहीं दी जिसकी शिकायत सीडीयों से की गई इस सीडीयो ने भी इस अधिकारी से कहा छुट्टी देनी चाहिए। कृष्ण कांत ने बताया कि उन्हें बुखार आ गया था जब छुट्टी मांगी तो छुट्टी नहीं दी छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया गया और गैरहाजिर दिखाकर 16 अक्टूबर को निलंबित कर दिया गया है अब उसे ऑफिस में भी काम करना पड़ता है डांट भी खानी पड़ती है और निलबिंत भी चल रहा है। सुखराम बताते हैं कि उनकी ड्यूटी कोठी पर लगाई गई है और उन्होंने जब बेटी की शादी के लिए छुट्टी मांगी तो छुट्टी नहीं दी गई पत्र फाड़कर फेक दिया गया और उन्हें अनुपस्थित दिखाकर निलंबित कर दिया गया है नौकरी आपस में करते हैं और काम घर पर करवाते हैं जब कुछ कहते हैं तो ऑफिस में अनुपस्थित दिखाकर निलंबित कर दिया जाता है और डांटते भी हैं घर का सारा काम करवाते हैं कपड़े धुकलवाते हैं खाना बनवाते हैं नाली साफ कर आते हैं फिर भी हर समय गाली गलौज करते डांटते रहते हैं अधिकारी के व्यवहार से कर्मचारी परेशान हैं आत्महत्या करने के लिए भी कोशिश कर चुके हैं।कर्मचारियो ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई हैं अगर उनकी समस्याओं का समाधान नही हुआ तो आत्महत्या करने के को मजबूर होंगे।

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