हीराराम सैन
सिरोही राजस्थान संदेश महल
भटाना के समीप पादर ग्राम पंचायत के मेथीपुरा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (रा.उ.मा.वि.) आज भी अपनी जर्जर स्थिति पर मानो आँसू बहा रहा है। वर्षों बीत जाने के बावजूद न तो नए भवन का निर्माण हो सका है और न ही पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय भवन को दिनांक 11 सितंबर 2025 को जमींदोज करने के आदेश जारी हो चुके थे। इसके बाद से विद्यालय किराये के मकान में संचालित हो रहा है, जिसका प्रतिमाह लगभग ₹2000 किराया दिया जा रहा है। वर्तमान में विद्यालय में 303 विद्यार्थियों का नामांकन है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें मूलभूत संसाधनों से भी वंचित रहना पड़ रहा है।विद्यालय का क्रमोन्नयन भी तेजी से हुआ—10 नवंबर 2021 को उच्च प्राथमिक से माध्यमिक तथा 26 मार्च 2022 को माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में उन्नयन किया गया। लेकिन इसके बावजूद भवन निर्माण और संसाधनों के लिए न तो सरकार की ओर से कोई बजट स्वीकृत हुआ और न ही जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस पहल की गई।शिक्षकों की स्थिति भी चिंताजनक है। जब विद्यालय आठवीं तक था, तब 11 शिक्षक कार्यरत थे, जो सभी स्वीकृत पदों के अनुसार थे। लेकिन अब उच्च माध्यमिक स्तर पर केवल 6 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में मात्र 3 शिक्षक कार्यरत हैं और 1 शिक्षक डेप्युटेशन पर है। जबकि वास्तविक आवश्यकता लगभग 14 शिक्षकों, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक पुस्तकालयाध्यक्ष की है।मेथीपुरा आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद यहां के विद्यालय की ओर न तो किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन उसके बाद क्षेत्र की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं देते।विद्यालय के प्रिंसिपल द्वारा ग्राम पंचायत पादर को कई बार इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सरपंच से संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु उनसे बात नहीं हो सकी।इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गमाराम ने बताया कि जब तक बजट स्वीकृत नहीं होगा, तब तक विद्यालय का संचालन किराये के भवन में ही किया जाएगा।वहीं जिला शिक्षा अधिकारी, सिरोही से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस विषय पर बातचीत करना उचित नहीं समझा।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने सरकार एवं प्रशासन से जल्द से जल्द नए भवन के निर्माण और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है, ताकि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकें।