लखनऊ संदेश महल
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रमिक हितों का किसी भी स्थिति में उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर पूर्ण वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है।
बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर की हालिया घटनाओं पर विशेष संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि औद्योगिक अशांति फैलाने वाले गैर-श्रमिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले संगठनों, अराजक तत्वों और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाए। सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने व्यापक जांच के आदेश दिए। श्रमिकों की वास्तविक संख्या, भुगतान, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की स्थिति का गहन परीक्षण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक इकाइयों में सक्रिय ग्रीवांस सेल स्थापित करने, श्रमिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने और कार्यस्थलों पर बेहतर मेस सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री निर्माण और सस्ते आवास की योजना तैयार करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि श्रमिकों के वेतन खातों से जुड़े बीमा और उनके बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों की आड़ में कोई भी अराजक तत्व औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न कर सके और सभी इकाइयां सुचारु रूप से संचालित होती रहें।
बैठक में बताया गया कि वेतन वृद्धि से श्रमिकों और उद्यमियों दोनों में संतोष है तथा गौतमबुद्ध नगर की स्थिति अब सामान्य हो रही है। मुख्यमंत्री ने थर्ड पार्टी सर्वे कराने के भी निर्देश दिए।