रमेश चंद्र इटावा संदेश महल समाचार
जिले के फिशर वन क्षेत्र में स्थित ‘बीहड़ वाले सैयद बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध मजार को प्रशासन ने वन विभाग की कार्रवाई के तहत ध्वस्त कर दिया। बुधवार देर शाम भारी पुलिस बल और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा रातभर चली कार्रवाई में कथित अवैध निर्माण को हटाकर भूमि को समतल कर दिया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पौधारोपण भी कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मजार इटावा शहर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर फिशर वन क्षेत्र में लगभग 3000 वर्ग फीट भूमि पर बनी हुई थी। 3 जनवरी 2026 को हिंदू संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मजार को वन भूमि पर अवैध निर्माण बताया गया था। शिकायत के आधार पर जांच के आदेश दिए गए।
जांच के दौरान वन विभाग ने पाया कि संबंधित भूमि विभाग के अभिलेखों में वन भूमि के रूप में दर्ज है। वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत केंद्र सरकार की अनुमति के बिना वन भूमि पर किसी प्रकार का गैर-वन कार्य नहीं किया जा सकता। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पक्षकारों को कई अवसर दिए गए, लेकिन वे भूमि पर अपने वैध अधिकार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सक्षम न्यायालय ने भूमि पर किसी वैध स्वामित्व का प्रमाण न मिलने पर मजार हटाने का आदेश जारी किया। मजार के केयरटेकर द्वारा उच्च अधिकारी के समक्ष की गई अपील भी खारिज कर दी गई।
वहीं, मजार के केयरटेकर का दावा है कि यह स्थल लगभग 800 वर्ष पुराना था। हालांकि प्रशासन और वन विभाग का कहना है कि इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। विभाग के पास भी मजार के निर्माण, स्थापना या ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से संबंधित कोई प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं मिला है।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।