भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने श्री ग्रुप के डायरेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज

रिपोर्ट
प्रताप सिंह
मथुरा संदेश महल समाचार

मथुरा। शहर के प्रमुख बिल्डर्स एसजेपी ग्लोबल गु्रप के तीन डायरेक्टरों के खिलाफ भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष द्वारा थाना हाईवे में धोखाधड़ी एवं कूटरचना से प्लाट के नाम पर लगभग 7 लाख रूपए की राशि हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। वहीं इससे शहर के अन्य बिल्डर्स में भी हड़कंप मच गया है।मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण एवं शहर के प्रमुख बिल्डर्स के गठजोड़ पर जहां उपभोक्ताओं को एप्रूव्ड कालोनी बताकर प्लाट बेच दिए जाते हैं जबकि हकीकत में कालोनी विकास प्राधिकरण से एप्रूव्ड नहीं होती है। बाद में एपू्रव्ड होने पर उसी प्लाट को अधिक कीमत पर बेचने का खेल लंबे अरसे से खेला जा रहा है। जब कोई ग्राहक हंगामा खड़ा करता है तो उसे पुरानी रकम ही या तो वापस कर दी जाती है अथवा अन्य जगह पर बेकार सी जमीन पर प्लाट दे दिया जाता है। इसी तरह का खिलवाड़ शहर के प्रमुख बिल्डर्स एसजेपी ग्लोबल श्रीजी जमुना धाम के डायरेक्टर राम अग्रवाल, सुदीप अग्रवाल और प्रदीप अग्रवाल ने गोपी कृष्ण नर्सिंग होम के संचालक एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. डीपी गोयल के भाई केपी गोयल के साथ किया गया है।

अमेरिका के हाल निवासी केपी गोयल ने राधा वैली में अगस्त वर्ष 2009 में 200 गज का प्लाट एसजेपी ग्लोबल से खरीदा था। इसके लिए अगस्त 2009 में 5.50 लाख की राशि आरटीजीएस के माध्यम से आॅनलाइन अदा की गई थी। शेष रकम 1.30 लाख रूपए भी नवंबर 2009 को दे दी गई। डाॅ. डीपी गोयल के अनुसार जिस समय प्लाट का सौदा किया गया। उस समय राधा वैली को विकास प्राधिकरण से एपू्रव्ड कालोनी बताया गया था। इसके बाद ही प्लाट बुक कराया गया था लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी प्लाट की रजिस्ट्री नहीं की गई। वर्ष 2012 में राधा वैली कालोनी को विकास प्राधिकरण से एप्रूव्ड कराया गया। जब उन्होंने बिल्डर्स से प्लाट की रजिस्ट्री कराने की कहा तो बिल्डर्स टालमटोल करता रहा। जब खरीदार के भाई ने रजिस्ट्रार कार्यालय से जानकारी की तो पता लगा कि उस प्लाट की रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर हो चुकी है।इसके बाद बिल्डर्स उन्हें प्राइम लोकेशन पर प्लाट देने की बातें करते रहे लेकिन 10 वर्ष बाद भी प्लाट की रजिस्ट्री न होने पर डाॅ. डीपी गोयल ने थाना हाइवे से लेकर एसएसपी कार्यालय तक दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन रिपोर्ट दर्ज न होने पर उन्होंने वर्ष 2019 में न्यायालय की शरण ली। जिस पर न्यायालय ने एसजेपी ग्लोबल के तीनों डायरेक्टर्स राम अग्रवाल, सुदीप अग्रवाल एवं प्रदीप अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश थाना हाइवे पुलिस को दिए। इस पर थाना हाईवे पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी 406, 420 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।इस संबंध में पीड़ित के अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों राम अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल एवं सुदीप अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोषियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी और पीड़ित को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

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