विवाह समारोह मंड़प में प्रतिस्पर्धा के आगे जीवनी संगिनी का उड़ा रहे मजाक

रिपोर्ट
हिमांशु यादव
मैनपुरी संदेश महल समाचार

वर्तमान परिवेश में आजकल शादियों में ये कुछ इस तरह से नजर आ रहा है, कि शादी के समय स्टेज पर वरमाला के वक्त वर या दूल्हा बड़ा तनकर खड़ा हो जाता है, जिससे दुल्हन को वरमाला डालने में काफी कठिनाई होती है, कभी कभी वर पक्ष के लोग दूल्हे को गोद में उठा लेते हैं, और फिर वधु पक्ष के लोग भी वधु को गोद में उठाकर जैसे तैसे वरमाला कार्यक्रम सम्पन्न करवा पाते हैं, आखिर ऐसा क्यों? क्या करना चाहते हैं हम? क्या है हमारी मानसिकता।
हम एक पवित्र संबंध जोड़ रहे हैं, या इस नये संबंध को मजाक बना रहे है, और अपनी जीवनसँगनी को हजार-पांच सौ लोगो के बीच हम उपहास का पात्र बनाकर रह जाते हैं,कोई प्रतिस्पर्धा नही हो रही है, दंगल या अखाड़े का मैदान नही है, पवित्र मंडप है जहां देवी-देवताओं और पवित्र अग्नि का आवाहन होता है भगवान् प्रभु श्रीराम जी ने सम्मान सहित कितनी सहजता से सिर झुकाकर सीता जी से वरमाला पहनी थी।विवाह एक पवित्र बंधन है, संस्कार है।

เกมยิงปลา slot gacor เกมสล็อต slotonline ยิงปลา