सीतापुर संदेश महल समाचार
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान आखिरकार 23 महीने बाद शनिवार को सीतापुर जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई से पहले सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई थी।
हाईकोर्ट से बीयर बार कब्जे से जुड़े मुकदमे में जमानत मिलने के बाद यह माना जा रहा था कि उनका जेल से बाहर आना तय है। हालांकि, पुलिस ने तुरंत शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दी थीं। मगर 20 सितंबर को रामपुर की अदालत ने इन धाराओं को खारिज कर दिया, जिससे आजम खान की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
आजम खान के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं। रिहाई का समय सुबह 9 बजे तय था, लेकिन एक पुराने मामले में 6 हजार रुपये का जुर्माना जमा न होने के कारण प्रक्रिया अटक गई। रकम जमा होने के बाद दोपहर 12:30 बजे उन्हें जेल से बाहर लाया गया।
जेल के बाहर पहले से ही उनके समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी। दोनों बेटे अदीब और अब्दुल्ला खान उन्हें लेने पहुंचे। रिहाई के बाद आजम खान समर्थकों से घिरे करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ रामपुर के लिए रवाना हुए।