प्रयागराज संदेश महल समाचार
अधिवक्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रयागराज में जिला जज, जिलाधिकारी और सभी बार एसोसिएशनों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि अब अदालतों में दाखिल होने वाले वकालतनामे पर अधिवक्ताओं को अपना पंजीकरण संख्या और सीओपी (Certificate of Practice) नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य देवेंद्र मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्देश सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत लागू किया गया है और पूरे प्रदेश की बार काउंसिलें इसका अनुपालन कर रही हैं।
बिना सीओपी नंबर वाले वकालतनामे होंगे खारिज
जिला न्यायालय समेत प्रदेश के तमाम न्यायालयों में अब बिना सीओपी नंबर वाले वकालतनामे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यानी, बिना सीओपी नंबर के अधिवक्ता न तो अदालत में बहस कर पाएंगे और न ही वकालतनामा मान्य होगा।
सीओपी नंबर जारी करने के लिए गठित हुई सात सदस्यीय टीम
प्रयागराज में सीओपी नंबर जारी करने के लिए सात सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो अधिवक्ताओं के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है। इस प्रक्रिया के तहत जिन अधिवक्ताओं के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें सीओपी नंबर जारी किया जाएगा।
प्रदेश में चार लाख अधिवक्ता, केवल 1.75 लाख ने दी अर्जी
प्रदेश में करीब चार लाख पंजीकृत अधिवक्ता हैं, लेकिन अब तक सिर्फ एक लाख 75 हजार अधिवक्ताओं ने सीओपी नंबर के लिए आवेदन किया है। बार काउंसिल अब शेष अधिवक्ताओं से भी जल्द आवेदन करने की अपील कर रही है।
प्रैक्टिशनर अधिवक्ताओं की पहचान होगी साफ
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अदालतों में सक्रिय अधिवक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि फर्जीवाड़ा और अव्यवस्था पर लगाम लगाई जा सके। इससे न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी।