मिश्रिख में धर्मांतरण की सूचना पर पुलिस का छापा,महिलाएं समेत कई लोग हिरासत में

मिश्रिख (सीतापुर) संदेश महल समाचार

सीतापुर जिले के मिश्रिख कस्बे के मोहल्ला थोक-3 में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण की सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति सहित लगभग 16 महिलाओं और अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके से धार्मिक प्रचार-प्रसार से संबंधित साहित्य और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय हिन्दू शेर सेना के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी थी कि मोहल्ला थोक-3 स्थित एक मकान में लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) बृजेश कुमार और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छापेमारी की।पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान कई बाइबिल, धार्मिक साहित्य, स्टील का स्टैंड, मोमबत्तियां और अन्य सामग्री बरामद की। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लेकर कोतवाली लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने की सूचना मिली थी। बरामद सामग्री और मौके की परिस्थितियों के आधार पर जांच की जा रही है। सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा तथ्यों के सत्यापन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वहीं राष्ट्रीय हिन्दू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिन्दू ने दावा किया कि संगठन के कार्यकर्ता काफी समय से इस गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस को अवगत कराया गया, जिसके बाद संयुक्त कार्रवाई की गई। उन्होंने प्रदेश सरकार से ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग की है।क्षेत्राधिकारी बृजेश कुमार ने कहा कि अवैध धर्मांतरण की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि या उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के उल्लंघन के साक्ष्य मिलते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी स्थितिपुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है। केवल धार्मिक साहित्य मिलने या धार्मिक सभा आयोजित होने मात्र से धर्मांतरण सिद्ध नहीं होता। इसलिए पुलिस सभी तथ्यों, दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और बरामद सामग्री की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला धार्मिक प्रार्थना सभा का था या अवैध धर्मांतरण से जुड़ी कोई गतिविधि संचालित की जा रही थी।