समृद्धि इंफ्रा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी का आरोप, एसपी ने जांच के दिए निर्देश
रमेश चंद्र
बाराबंकी संदेश महल समाचार
प्लॉट उपलब्ध कराने के नाम पर पुलिस विभाग के एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से करीब 9.82 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर रियल एस्टेट कंपनी समृद्धि इंफ्रा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच कोतवाली नगर पुलिस को सौंपी गई है।
प्रयागराज निवासी सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक उमा शंकर बाजपेयी के अनुसार वर्ष 2013 से 2015 के बीच उन्होंने एवं उनके परिवार के सदस्यों ने कंपनी की ‘समृद्धि स्क्वायर’ योजना, जिसे बाद में ‘सैटेलाइट सिटी’ नाम दिया गया, में प्लॉट बुक कराए थे। इसके लिए विभिन्न किश्तों में कुल 9 लाख 81 हजार 820 रुपये जमा किए गए थे।
पीड़ित का आरोप है कि कंपनी ने फैजाबाद रोड, लखनऊ स्थित परियोजना में प्लॉट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन पूरी धनराशि जमा होने के बावजूद आज तक न तो प्लॉट का कब्जा दिया गया और न ही जमा राशि वापस की गई।
उन्होंने बताया कि कई बार कंपनी के अधिकारियों एवं संचालकों से संपर्क किया गया, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया। आरोप है कि परियोजना लगभग ठप हो चुकी है और निवेशकों को लगातार गुमराह किया जा रहा है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से कंपनी के जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने तथा जमा धनराशि ब्याज सहित वापस दिलाने की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कोतवाली नगर पुलिस को सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।