रेवदर (सिरोही) राजस्थान संदेश महल। सिरोही जिले की रेवदर तहसील के ग्राम भटाना की पावन धरा पर स्थित संत शिरोमणि श्री भाणाजी महाराज की जीवंत समाधि आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। मान्यता है कि श्री भाणाजी महाराज ने 15 फरवरी 1859 (मंगलवार) को सांसारिक जीवन का त्याग कर यहीं जीवंत समाधि धारण की थी।
लोकमान्यताओं के अनुसार उस समय अंग्रेजी शासन द्वारा मूर्ति पूजा एवं जीवंत समाधि जैसी परंपराओं पर प्रतिबंध लगाया गया था। ऐसे समय में भाणाजी महाराज ने भटाना के तत्कालीन ठाकुर साहब से गुरु दक्षिणा में प्राप्त कृषि भूमि (गरो वाला फार्म) पर समाधि लेने की इच्छा जताई, लेकिन परिस्थितिवश वहां समाधि संभव नहीं हो सकी। इसके बाद ठाकुर साहब ने गांव के बाहर पानी की टंकी के समीप भूमि उपलब्ध कराई, जहां आज यह पवित्र समाधि स्थल स्थित है।
वर्तमान में यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और आध्यात्मिक वातावरण के कारण श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है। समाधि स्थल पर श्री लक्ष्मण जी शर्मा (सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक) ने सांसारिक जीवन का त्याग कर स्वयं को निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उनके सान्निध्य में प्रतिदिन सुबह-शाम पक्षियों के लिए दाना एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाती है, जिससे हजारों छोटे-बड़े पक्षी यहां प्रतिदिन आते हैं।
समाधि स्थल का संचालन सिपाऊ परिवार सेवा संस्थान, भटाना द्वारा किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित के निधि से सीसी सड़क का निर्माण कराया गया, जिसका कार्य ग्राम पंचायत भटाना के सरपंच भवानी सिंह देवड़ा की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुआ।प्रत्येक वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें सिरोही जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से पुरोहित समाज एवं हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।वर्तमान में समाधि स्थल के चारों ओर तारबंदी कर सुंदर बगीचा विकसित किया गया है, जहां ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए हैं। हरियाली और प्राकृतिक वातावरण से यह पवित्र स्थल और भी मनमोहक एवं आकर्षक बन गया है।