चार दिन तक जमीन में दबी रही खुशबू की लाश,पति सामान्य जीवन जीता रहा

गोरखपुर संदेश महल समाचार
चार दिन तक खुशबू का शव घर के पीछे जमीन के नीचे दबा रहा और आरोपित पति अर्जुन पूरी तरह सामान्य जीवन जीता रहा। घर में बहू के न दिखाई देने पर सवाल उठते रहे, लेकिन हर बार अर्जुन यही कहकर बात टाल देता कि विवाद के बाद खुशबू घर छोड़कर चली गई है।
दो दिन पहले अर्जुन खुद पत्नी को ढूंढ़ने का नाटक करते हुए ससुराल पहुंचा और बताया कि खुशबू घर से तीन हजार रुपये और मोबाइल फोन लेकर चली गई है। इसी झूठी कहानी के सहारे वह खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करता रहा।
हत्या के बाद अर्जुन का व्यवहार सामान्य बना रहा। मां के अलावा जब भी पिता श्याम नारायण खुशबू के बारे में पूछते, वह विवाद का हवाला देकर यही जवाब देता कि वह नाराज होकर कहीं चली गई है। हालांकि गांव की महिलाओं और पड़ोसियों को शुरू से ही यह बात खटक रही थी।
बहू का अचानक गायब होना, किसी से कोई संपर्क न होना और घर के पीछे हाल ही में खुदी मिट्टी ने ग्रामीणों के मन में अनहोनी की आशंका पैदा कर दी। धीरे-धीरे गांव में चर्चाएं तेज हो गईं। कई ग्रामीणों ने श्याम नारायण से साफ कहा कि पुलिस को सूचना देना जरूरी है।
गांव वालों के दबाव और अपने मन में उठ रहे सवालों के बीच श्याम नारायण आखिरकार बेलघाट थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने मायके पक्ष को भी सूचना दी। गुरुवार को पुलिस के गांव में पहुंचते ही माहौल पूरी तरह बदल गया।
अर्जुन से सख्ती से पूछताछ शुरू हुई तो वह घबरा गया और बार-बार अपने बयान बदलने लगा। जब पुलिस ने घर के पीछे खुदाई कराने का निर्णय लिया तो उसकी बेचैनी साफ झलकने लगी। करीब छह फीट नीचे दबा खुशबू का शव बाहर निकलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। घर के आसपास भारी भीड़ जुट गई और हर चेहरा दहशत व हैरानी से भरा नजर आया।
पुलिस के अनुसार, रविवार रात अर्जुन ने खुशबू से मोबाइल फोन मांगा था। इनकार करने पर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान एक नंबर से आए व्हाट्सएप मैसेज को खुशबू ने डिलीट कर दिया। मैसेज डिलीट होते ही अर्जुन का शक और गहरा हो गया। पूछताछ के दौरान कहासुनी बढ़ी और गुस्से में अर्जुन ने खुशबू का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दो माह पहले पिता की हो चुकी थी मौत
खुशबू की शादी अर्जुन से 25 जून 2023 को हुई थी। उसके पिता तीरथ प्रसाद की दो माह पहले एक हादसे में मौत हो चुकी थी, जबकि मां सुनीता देवी का पहले ही निधन हो चुका था। मायके में खुशबू के दो छोटे भाई गोलू (13) और कन्हैया (11) तथा आठ वर्षीय बहन आकांक्षा हैं।
माता-पिता के न रहने के कारण खुशबू पूरी तरह ससुराल पर निर्भर थी। आरोपित के पिता श्याम नारायण राजगीर मिस्त्री का काम करते हैं। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी। आरोपित के दो छोटे भाई भी हैं, जिनमें एक बाहर रहकर मजदूरी करता है, जबकि दूसरा गांव में ही काम करता है।