आस्था का केंद्र श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर जर्जर,हादसे का खतरा

आशुतोष श्रीवास्तव/बाराबंकी संदेश महल
जनपद मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर दूर विकास खंड बंकी के ग्राम ढकौली में स्थित श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर शिव भक्तों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान में यह मंदिर अत्यंत जर्जर एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में पहुंच चुका है। मंदिर की दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के बीच होली बाबा मंदिर, जिंदा समाधि बाबा तथा अर्धनारीश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां अपने बच्चों के संस्कार कराने के लिए आते हैं। गुरु पूर्णिमा, महाशिवरात्रि, मंदिर स्थापना दिवस जैसे पावन अवसरों पर श्रीरामचरितमानस पाठ, शिव नाम जप, बड़े मंगल सहित अन्य धार्मिक आयोजनों और भंडारों का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है।
मंदिर परिसर में ही अर्धनारीश्वर महादेव की प्रतिमा भी स्थापित है, जिसकी स्थापना निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार द्वारा कराई गई थी। इसके अतिरिक्त परिसर में स्थित सिंदूर, शमी, पीपल एवं बेल के वृक्ष मंदिर की प्राकृतिक शोभा को और भी बढ़ाते हैं।
श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर जमुरिया नदी के तट पर स्थित होने के कारण धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, किंतु विडंबना यह है कि यहां तक पहुंचने के लिए न तो समुचित सड़क मार्ग है और न ही आवश्यक बुनियादी ढांचा। श्रद्धालुओं को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय सांसद, विधायक, ग्राम प्रधान, सरपंच और सभासद पद के प्रत्याशी विकास के बड़े-बड़े वादे कर यहां आते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही मंदिर और क्षेत्र की सुध लेने कोई नहीं आता।
मंदिर की बदहाल स्थिति से चिंतित सेवादार भगौती प्रसाद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर मंदिर के जीर्णोद्धार एवं समुचित विकास कराए जाने की मांग की है। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन शीघ्र इस आस्था के केंद्र की ओर ध्यान देगा, ताकि किसी अनहोनी से पहले मंदिर का संरक्षण किया जा सके।